मुंबई। हिंदी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं शोधावरी और अनभै के संयुक्त तत्वावधान में कल, दिनांक 4 जनवरी 2026 को मुंबई विश्वविद्यालय के जे. पी. नाइक भवन सभागार में सुप्रसिद्ध गीतकार यशपाल सिंह ‘यश’ के सद्यः प्रकाशित गीत-संग्रह गीत हूँ मैं का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. रत्न शंकर पाण्डेय ने की, जबकि रमन मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. अवधेश कुमार राय, डॉ. कृष्ण कुमार मिश्र तथा राकेश शर्मा ने पुस्तक पर विस्तृत समीक्षात्मक वक्तव्य प्रस्तुत किए। सभी समीक्षकों ने संग्रह में निहित गीतों के विषय वैविध्य, भाषा की सहजता तथा सशक्त लयात्मकता को विशेष रूप से रेखांकित किया और इसे समकालीन गीत परंपरा की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में डॉ. हूबनाथ पांडे ने भी पुस्तक के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त करते हुए गीतों की संवेदनात्मक गहराई और सामाजिक सरोकारों की प्रशंसा की। गीतकार यशपाल सिंह ‘यश’ ने अपने वक्तव्य में अपनी साहित्यिक यात्रा, सृजन-प्रेरणाओं तथा गीत लेखन के अनुभवों को श्रोताओं से साझा किया।

कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बनाते हुए संग्रह के कुछ चयनित गीतों का सस्वर गायन भी प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने भावपूर्ण सराहना के साथ ग्रहण किया। कार्यक्रम का संचालन सर्वेश कुमार ने किया। अंत में डॉ. प्रमोद यादव ने सभी विशिष्ट अतिथियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित साहित्य-प्रेमी श्रोताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।















